जिम्मेदारियों का बोझ.....
जिम्मेदारियों का बोझ.....
1. जिनके उपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है उनके पास रूठने और टूटने का वक्त नहीं होता है
2. जो कच्चे मकानों में जन्म लेते हैं वहीं ऊंची मिनारों को जन्म देते हैं
3. मंजिलें बड़ी ज़िद्दी होती हैं हासिल कहाँ नसीब से होती हैं मगर
4. वहाँ तूफान भी हार जाते हैं जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैं।
5. नाकामयाब लोग दुनिया के ड़र से अपने फैसले बदल लेते है, और कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते है।
6. एक समर्थ व्यक्ति के पिछे कई समर्थ साथी भी होते है। अकेला कोई कुछ नहीं होता।
7. तूफ़ान में कभी ताश का घर नहीं बनता रोने से कभी बिगड़ा मुक़द्दर नहीं संवरता
8. दुनिया को जितने का हौसला रखो..एक बार हारने से कोई फ़क़िर नहीं बनता
9. और एक बार जीतने से कोई सिकंदर नहीं बनता!!
10. कर्म भूमी की दुनिया में, श्रम सभी को करना है…
11. भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरने है..
12. कहते है काला रंग अशुभ होता है। पर स्कूल का वो ब्लैक बोर्ड लोगों की जिंदगी बदल देता है
13. बेहतर से बेहतर की तलाश करो मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो
14. टूट जाते है शीशे पत्थरों कि चोट से टूट जाए पत्थर, ऐसे शीशे की तलाश करो..!
15. अँधेरे से मत ड़रो, सितारे अँधेरे में ही चमकते हैं…
16. बेवजह दिल पे बोझ न भारी रखिये, जिंदगी एक खूबसूरत जंग है जारी जारी रखिए
17. एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दें…
18. किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो
19. जीस व्यक्ती ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं कि।
20. मुश्किल कोई आ जाये तो ड़रने से क्या होगा, जीने की तरकिब निकालो मर जाने से क्या होगा।
21. तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर। चलते वक्त के साथ चल, उसमें सिमटने की कोशिश न कर। मन में चल रहे युद्ध को विराम दें, खामख्वाह खुदसे लड़ने की कोशिश न कर
22. एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद दुसरा सपना देखने के हौसले को ही जिंदगी कहते है।
A.K.EKKA
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