इंसान के जीवन में परीक्षा

 परीक्षा



1.जिस प्रकार चंदन को काटकर टपकर घिसकर और पीट कर उसकी पहचान की जाती है इस तरह त्याग सेल गुण और कम इन चार प्रकारों से मानव की भी परीक्षा की जाती है।

-----"चाणक्य"


2.दाता की परीक्षा अकाल में,शूरवीर की युद्ध में, मित्र की आपातकाल में,पत्नी की निर्धनता में अच्छे कुल की विपत्ति में,प्रेम की परोक्ष में और सत्य की संकट में होती है।

----"शिव पुराण"


3.विद्यार्थी की परीक्षा जब तक नहीं होती वह उसी की तैयारी में लगा रहता है लेकिन परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाने के बाद भावी जीवन संग्राम की चिंता उसे हतोत्साह कर दिया करती है उसे अनुभव होता है कि जिन साधनों से अब तक मैं सफलता प्राप्त की है वह इस नए विस्तृत आगम्य क्षेत्र में अनुपयुक्त है

----"प्रेमचंद"


4. ईश्वर जिन पर कृपा करना चाहता है उनकी कभी-कभी इन्तेहाई परीक्षा लेता है।

----"महात्मा गांधी"


5. स्वर्ग में ऐसा कोई मुकुट धारी नहीं है जो यहां क्रूस धारी ना रह चुका हो।

----"स्पर्जिन"

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